राजस्व प्रकरणों के निराकरण, राजस्व वसूली एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की कलेक्टर ने की समीक्षा
प्राकृतिक आपदा के 65 प्रकरणों में 66.13 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि वितरित

पांढुर्णा, 28 अक्टूबर,2026। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण, राजस्व वसूली, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत राशि के वितरण, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों एवं आवेदकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पांढुर्णा एवं सौंसर तहसीलों से संबंधित विभागीय प्रतिवेदनों के आधार पर विभिन्न विषयों की प्रगति की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।
बैठक में राजस्व प्रकरण प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के अंतर्गत नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों, स्वामित्व योजना, भूमि आवंटन, राजस्व वसूली, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं एवं प्रकरणों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्राकृतिक आपदा के 65 प्रकरणों में 66 लाख 13 हजार 470 रुपये की राहत वितरित
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 21 अक्टूबर 2026 तक प्राकृतिक आपदा से संबंधित कुल 65 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें आगजनी से संबंधित 33, वन्यप्राणी से संबंधित 10, अतिवृष्टि से संबंधित 16, ओलावृष्टि से संबंधित 2 तथा सर्पदंश से संबंधित 4 प्रकरण शामिल हैं। इन सभी 65 प्रकरणों में कुल 66 लाख 13 हजार 470 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा से संबंधित प्रकरणों में पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने तथा शेष लंबित कार्रवाई को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
भूमि आवंटन एवं स्वामित्व योजना के प्रकरणों का करें शीघ्र निराकरण
बैठक में विभिन्न विभागों, शासकीय संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों से संबंधित भूमि आवंटन के प्रकरणों की समीक्षा की गई। स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रकरणों की स्थिति, रजिस्ट्री निष्पादन तथा स्वामित्व भूखंडों की ई-केवाईसी की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भूमि आवंटन से संबंधित लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा स्वामित्व योजना के अंतर्गत शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त पट्टा धृति अधिकार के अंतर्गत पात्र परिवारों को पट्टा वितरण, नजूल पट्टों के नवीनीकरण तथा धारणाधिकार के लंबित प्रकरणों के निराकरण के भी निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व वसूली के अंतर्गत भू-राजस्व, पंचायत उपकर, शाला भवन उपकर, गैर-कृषि भू-राजस्व, नजूल एवं अन्य मदों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। फार्मर रजिस्ट्री तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र किसानों से संबंधित ई केवाईसी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने को कहा।
भू-अर्जन एवं न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर कार्रवाई करें
बैठक में भू-अर्जन के प्रकरणों, लंबित भुगतान, पट्टा अधिकार, माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित याचिकाओं एवं अवमानना प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा लंबित भुगतान प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए।
अनुसूचित जनजाति आयोग, राज्य महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की जानकारी भी ली गई। कलेक्टर ने आयोगों से संबंधित प्रकरणों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने तथा शिकायतों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व न्यायालयों के आदेशों का राजस्व अभिलेखों में अमल, राजस्व न्यायालयों के निरीक्षण तथा वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों के आदेशों का अभिलेखों में समय पर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अवैध कॉलोनियों एवं दांडिक प्रकरणों में कार्रवाई के निर्देश
बैठक में अवैध कॉलोनियों से संबंधित प्रकरणों, कार्यपालक मजिस्ट्रेट के कार्यों तथा दांडिक प्रकरणों की समीक्षा की गई। सौंसर, लोधीखेड़ा एवं मोहगांव से संबंधित दांडिक प्रकरणों के पंजीयन, निराकरण तथा बाउंड ओवर की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर ने अवैध कॉलोनियों से संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा दांडिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विस्फोटक सामग्री एवं पटाखा गोदामों के नियमित निरीक्षण तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
37 दावों में से 28 प्रकरणों का निराकरण
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार 29 जून 2026 को प्राप्त विवरण के आधार पर जिले में हिट एंड रन के कुल 37 दावे दर्ज थे। इनमें से 28 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जबकि एक प्रकरण निरस्त किया गया। शेष 8 प्रकरण तहसील स्तर पर लंबित हैं। निराकृत 28 प्रकरणों को भुगतान के लिए पोर्टल पर दर्ज किए जाने की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने शेष लंबित हिट एंड रन प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शीघ्र निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार भुगतान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रशासन से संबंधित सभी कार्यों में समय-सीमा, पारदर्शिता और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी प्रगति की जानकारी समय पर प्रस्तुत करने तथा आम नागरिकों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सौंसर श्री सिद्धार्थ पटेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







