*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*

पांढुरना क्षेत्र में अस्पताल नर्सिंग होम व छोटे क्लिनिकों मेडिकल वेस्ट के निष्पादन में लापरवाही सामने आ रही है। विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर में ड्रीप की बोतलें, इस्तेमाल की गई सीरिंज, इंजेक्शन, ग्लूकोज सेट, दवाईयों के खाली रैपर और अन्य चिकित्सा सामग्री खुले में पड़ी नजर आ रही है। जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। लोगों का कहना है कि कई निजी क्लीनिक उपचार के दौरान निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट कराने के बजाय सामान्य कचरे के साथ फेंक रहे हैं। कचरे के ढेर में मेडिकल वेस्ट को देखकर साफ दिख रहा है कि क्लीनिकों द्वारा मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन से संबंधित नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा कचरे के ढेर में पड़े मेडिकल वेस्ट तक मवेशियों की पहुंच बनी हुई है। भोजन के लिए घूमने वाले पशु कचरे के ढेरों से प्लास्टिक और अन्य सामग्री के साथ मेडिकल वेस्ट भी निगल रहे है। पशु चिकित्सकों के अनुसार मेडिकल कचरे में मौजूद रसायन, प्लास्टिक और संक्रमित सामग्री पशुओं के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है। निजी क्लीनिक व अस्पतालों को मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित संग्रहण व निष्पादन की व्यवस्था करना जरूरी है। जिसको लेकर अधिकृत एजेंसी या निर्धारित प्रयोगशाला के माध्यम से मेडिकल वेस्ट का निस्तारण होना चाहिए। कुछ क्लीनिक ही मेडिकल वेस्ट को अधिकृत संस्थानों तक पहुंचा रहे है। ऐसे में खुले में पड़े मेडिकल वेस्ट से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकरक स्थिति बन सकती है।









