पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा
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*पांढुर्णा सौंसर राष्ट्रपति से पुरस्कृत मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष, सिविल राइट्स प्रोटेक्शन सेल के प्रदेशाध्यक्ष, साहित्यिक एस.आर.शेंडे ने बताया कि,जीवन में शिक्षा का असीम योगदान है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं,आत्मविश्वास,आर्थिक निर्भरता,सामाजिक मूल्यों की सीख,तार्किक वैज्ञानिक सोच को बढावा देती है। शिक्षित ,जागरूक नागरिक अर्थव्यवस्था को मजबूती,राष्ट्र को प्रगतिपथ पर ले जाने में योगदान देता है। संविधान में भी उचित शिक्षा देने की बात की है। आरटीई के अनुसार कक्षा 1 से 8 वी तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन की अनेक योजनाएं संचालित है,बावजूद उचित क्रियान्वयन के अभाव में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था दम तोड रही है। कई स्कूल जर्जर हो चुके हैं,स्कूलों कॉलेजों में वर्षों से शिक्षकों की कमी है। बीजली ,पानी, शौचालयों की कमी है। शिक्षकों को अध्यापन से ज्यादा कामों में लगाया जाता है। खुद की अक्षमता के चलते कम नामांकन के कारण गांवों शहरों में सरकारी संस्थाएं बंद कर प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देकर पालकों को लूटने की खुली छूट दे रखी है।
इस तरह गरीब,माध्यम वर्ग का शिक्षा का सपना दूभर हुआ है। जबकीआम नागरिक शिक्षा उपकर सहित कई प्रकार के कर सरकार को देता है। आखिर में भारी जद्दोजहद के बाद विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, पेपर लीक,परीक्षाओं में धांधली,नियुक्ति में भेदभाव से अपना माथा पीटता है।
श्री शेंडे ने प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री माननीय डॉ.मोहन जी यादव एवं सभी राजनीतिक दलों के सजग जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि,अभी हाल ही में ओडिसा सहित तमिलनाडु,केरल आदि राज्यों की तरह किंडर गार्डन से लेकर पीजी तक सभी प्रकार की शिक्षा को मुफ्त किया जावें । स्कूलों,कॉलेजों में पर्याप्त संसाधनों की पूर्ति,शिक्षकों की नियुक्ति की जावें,शिक्षा माफिया पर लगाम लगाई जावें।









