*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
पांढुर्णा शहर मेघनाथ वार्ड, संत रविदास वार्ड चंद्रभागा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई रिटर्निंग वॉल अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई। जिस निर्माण को नदी किनारे बसे वार्डवासियों को बाढ़ की कटाव से सुरक्षा देने उद्देश्य से तैयार किया गया था, रिटर्निंग वॉल एक साल में ही अचानक धराशायी होना बताया गया। जिससे रिटर्निंग वॉलनिर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठ रहे इसका आखिर जिम्मेदार होगा कौन इस संबंध सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक विगत कुछ साल पुर्व में आपदा प्रबंधन मद से लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से चंद्रभागा नदी किनारे रिटर्निंग वॉल का निर्माण कराया गया। रिटर्निंग वॉल निर्माण के दौरान ही स्थानीय वार्ड पार्षद द्वारा आरोप लगाया था कि रिटर्निंग वॉल ठेकेदार द्वारा निर्धारित ले-आउट से हटकर दो से तीन मीटर नदी की ओर निर्माण किया जा रहा है तथा रिटर्निंग वॉल गुणवत्ता में गंभीर खामियां भी उजागर कराई गई थी।
इस संबंध में सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक मेघनाथ वार्ड पार्षद श्रीमति रामरति इवानाती एवं संत रविदास वार्ड पुर्व पार्षद एवं शिवाजी वार्ड वर्तमान पार्षद/ सभापति श्री मदन भागे द्वारा इस मामले संबंध में बताया गया की इस मामले संबंध में पालिका अध्यक्ष श्री संदीप घाटोड़े एवं पांढुर्णा नगर पालिका परिषद सदस्यों द्वारा रिटर्निंग वॉल मौका स्थल का निरीक्षण कराया गया था। निरीक्षण के दौरान रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य में कई तकनीकी कमियां सामने आने पर निर्माण कार्य रुकवाते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ठेकेदार के विरुद्ध सूक्ष्म जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं नोटिस जारी करने संबंध निर्देश देने की बात सामने आई थी। रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य मौके स्थल पर एजेंसी ठेकेदार एवं इंजीनियर के बीच तीखी नोक झोंक बहस भी हुई थी।
रिटर्निंग वॉल पर नोटिस की चर्चा हुई, लेकिन कार्यवाही नहीं आई सामने
इस संबंध सूत्रों एवं जानकार बताते है की रिटर्निंग वॉल निरीक्षण के बाद पूरे शहर में चर्चा थी कि ठेकेदार को नोटिस जारी होगा और गुणवत्ता की जांच होगी। लेकिन समय सप्ताह बीतने के बाद भी कोई नोटिस जारी नहीं हुआ था। इसके उलट, बिना किसी स्पष्ट कार्रवाई के ठेकेदार ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उस नोटिस का क्या हुआ?
अब रिटर्निंग वॉल हुआ धराशायी, जिम्मेदार कौन वार्डवासियों द्वारा उठ रहे सवाल ?
जिस रिटर्निंग वॉल को वर्षों तक सुरक्षा प्रदान करनी थी, वह एक साल में ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त और धराशायी होती दिखाई दे रही है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि यदि अभी यह स्थिति है, तो मानसून के दौरान बाढ़ आने पर इसका खामियाजा नदी किनारे रहने वाले परिवारों को भुगतना पड़ सकता है। इस संबंध में मेघनाथ वार्ड पार्षद श्रीमति रामरति इवनाती एवं संत रविदास वार्ड पुर्व पार्षद श्री मदन भागे ने रिटर्निंग वॉल के नाम निर्माण कार्य एवं जांच पर बड़े गंभीर सवाल उठाए गए। दोनों जिम्मेदार वार्ड पार्षदों ने काह हैं की जनहितैषी निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं किसी भी तरह कोताही बर्दाश्त नही करने की बात कही गई। यदि नगर पालिका परिषद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रिटर्निंग वॉल के क्रियान्वित एजेसी पर कड़ी कार्यवाही नहीं होने पर जनहित में आगे ओर भी बढ़े एवं कड़े कदम उठाने की बात कही जा रही है। दोनों वार्ड पार्षदों द्वारा जनता का हित ही सर्वोपरि माना गया है। वार्डवासियों द्वारा रिटर्निंग वॉल के नाम निर्माण कार्य की जांच एवं कड़ी कार्यवाही करने का मुद्दा उठाने पर दोनों ही पार्षदों की वार्डों की जनता द्वारा काफी सराहना मिलती हुई देखने में आई हैं।










