*संवाददाता दैनिक दिव्य सत्ता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानो ने मंगलवार को अपनी तीन साल से लंबित 14 सत्रीय मांगों को लेकर पांढुर्णा जिला मुख्यालय पहंचे। इस संबंध सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ से मिलना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर साहब अवकाश पर होने के कारण मुलाकात नहीं होने की बात सामने आई है।
मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानो ने तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर से चर्चा की. लेकिन सीधे कलेक्टर साहब से बातचीत न होने पर मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानो ने नाराज़गी जताई।
मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानो ने बताया की तीन साल से सिर्फ आश्वासन ही मिल रह किसानों का आरोप है कि मोहगांव जलाशय के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद से उनकी समस्याएं जस की तस बनी ह़ई हैं। वर्ष 2023 से उन्हें सिर्फ सरकारी आश्वासन मिल रहे हैं लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस देरी के कारण विस्थापित परिवारों को गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड रहा है।किसानों की मुख्य मांगे
मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसान प्रतिनिधि स्दामा मानमोडे, दिलीप देशमूख, नानो पाटेकर और वसंत डहारे एवं अन्य द्वारा अपनी यह प्रमख मांगें रखीं
: वैकल्पिक जमीन की रजिस्ट्री के लिए शासन की तरफ से मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) की छूट दी जाए।
” बारिश में आवागमन सूचारू रखने के लिए सरकीखापा-नंदीवानी मार्ग पर दो बड़ी पूलियाएं बनाई जाए।
” भुम्मा से मुंगनापार होते हुए घोड़कीढाना तक नई सडक का निर्माण कराया जाए।
मोहगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानो केस वापस लेने एवं गबन जांच की कर रहे मांग
किसानों ने सौसर जल संसाधन विभाग द्वारा 66 किसानों पर दर्ज कराए गए मुकदमों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, विस्थापितों ने परियोजना में हुए 13 करोड के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित परिवारों को मासिक जीवन निर्वाह भत्ता देने की भी अपील की है। इस संबंध सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों ने कलेक्टर से मुलाकात चर्चा करने को लेकर दोपहर से शाम तक कलेक्टर परिसर में बैठे रहे शाम 7 बजे उपरांत कलेक्टर कार्यालय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुधवार कलेक्टर से मुलाकात चर्चा होने की संभावना जताई जिस किसानो प्रशंसा ज़ाहिर की गई। कलेक्टर कार्यालय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कलेक्टर कार्यलय परिसर में बैठे सभी किसानों की कलेक्टर से मुलाकात चर्चा करने रुकने की बात सामने आने पर प्रशासन अलर्ट हुआ। कलेक्टर कार्यालय परिसर में बैठे सभी किसानों को कृषि मंडी प्रांगण में मंगलवार रात रुकनी व्यवस्था बनाई गई। नगर पालिका द्वारा परिसर स्थल साफ सफाई लाइटिंग टॉयलेट वहांन पानी की व्यवस्था बनाई गई। मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों ने कृषि मंडी प्रांगण में अपना आशियाना बनाया खुले आसमान के नीचे खाना बनाने बर्तन चूल्हा सब्जी अनाज खाद्य सामूगी व्यवस्था बनाई एवं खाना बनाया एवं सभी किसानों ने कृषि मंडी प्रांगण में रात गुजारी किसानो द्वारा प्रशासन से अपनी मांगों को लेकर हस्ताक्ररयुक्त ज्ञापन पुर्व में सौंपा गया। इस संबंध सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक बुधवार की दोपहर कलेक्टर साहब पांढुर्णा आने पर मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की मुलाकात चर्चा विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। जिसको लेकर मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों में एक उम्मीद की किरण बनी हुई है।









