*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा 9 अगस्त को पांढुर्णा जिले में विश्व आदिवासी दिवस का पर्व आदिवासी समुदाय के अनुयायियों द्वारा अत्यंत उत्साह, आस्था और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिलेभर में विविध सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत आराध्य बड़ादेव, भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी समाज के अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण व पूजन-अर्चन के साथ हुई। इसके पश्चात शहर के प्रमुख मार्गों से एक भव्य विशाल सांस्कृतिक रैली निकाला गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। ‘जय सेवा’ और जय फड़ापेन, ‘जय आदिवासी’ के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया,,
आयोजन के दौरान आयोजित मुख्य सभा में वक्ताओं ने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण में समुदाय के योगदान तथा शिक्षा व अधिकारों के प्रति जागरूकता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने समाज के युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। रैली और सभा के दौरान सुरक्षा व व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। पूरे आयोजन ने जिले में आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का संदेश दिया।








