*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा 28 अक्टूबर 2026 पांढुर्णा जिले की सौंसर तहसील के ग्राम बेरडी में भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी की आराधना से जुड़ी 100 वर्षों से अधिक पुरानी अखंड हरिनाम सप्ताह की पावन परंपरा का गुरुवार, 29 अक्टूबर को भव्य समापन होगा। इस अवसर पर दही-लाही (दही-कालासी) महाप्रसाद एवं महाकाले के कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में लगभग एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बेरडी का श्री पंढरीनाथ मंदिर सप्ताह पांढुर्णा जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। वारकरी संप्रदाय की भक्ति परंपरा, महाराष्ट्रीयन संस्कृति और सामूहिक सेवा भावना को समर्पित यह आयोजन पीढ़ियों से निरंतर श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित होता आ रहा है। ग्राम बेरडी में भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस आयोजन को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। क्षेत्र में इसे मध्य प्रदेश के द्वितीय पंढरपुर के रूप में भी श्रद्धापूर्वक जाना जाता है।
*सात दिनों तक गूंजता है हरिनाम संकीर्तन*
श्री पंढरीनाथ मंदिर सप्ताह के दौरान मंदिर परिसर सहित संपूर्ण ग्राम भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहता है। काकड़ आरती, भागवत कथा, हरिपाठ, हरिकीर्तन और अखंड नामसंकीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी बनते हैं। स्थानीय परंपरा के अनुसार, ग्राम के विभिन्न समाजों के लोग बारी-बारी से संकीर्तन सेवा में योगदान देते हैं। यह परंपरा सामाजिक समरसता, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित होने वाला दही-लाही महाप्रसाद भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और वारकरी संप्रदाय की भक्ति भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस अवसर पर ग्रामवासी एवं मंदिर समिति मिलकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था करते हैं। महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से वारकरी भक्त इस आयोजन में सम्मिलित होकर भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन एवं सेवा का पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
*श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियां*
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के नेतृत्व में तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती धनगर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सौंसर श्री सिद्धार्थ पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सौंसर श्रीमती प्रियंका पांडेय के नेतृत्व में संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं, कानून-व्यवस्था, स्वच्छता तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को समन्वय के साथ कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
*शासन, प्रशासन, मंदिर समिति और समाज के सहयोग से संरक्षित हो रही सांस्कृतिक धरोहर*
बेरडी का श्री पंढरीनाथ मंदिर सप्ताह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पांढुर्णा जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक सदी से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा का निरंतर निर्वहन स्थानीय समाज की आस्था, सामूहिक सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है।
जिला प्रशासन, मंदिर समिति, ग्रामवासियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के समन्वित सहयोग से इस भव्य आयोजन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शासन और समाज की सहभागिता से क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को संरक्षण देने, सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।
बेरडी का यह आयोजन पांढुर्णा जिले की उस सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जहां भक्ति, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता एक साथ दिखाई देते हैं। हरिनाम संकीर्तन की गूंज और भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के जयघोष के साथ होने वाला यह समापन समारोह जिले की सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर व्यापक पहचान प्रदान करेगा।








