पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा

पांढुर्णा नांदनवाड़ी उपतहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर कोयतोड़ आदिवासी समाज संघ सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने एकजुट होकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन से नांदनवाड़ी को शीघ्र पूर्ण तहसील घोषित करने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि नांदनवाड़ी वर्तमान में जिला पांढुर्णा की एक महत्वपूर्ण उपतहसील है तथा आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के साथ-साथ आसपास के अनेक गांवों का प्रमुख केंद्र भी है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा पांढुर्णा जिले के गठन के समय नांदनवाड़ी को तहसील बनाए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसे पूर्ण तहसील का दर्जा नहीं मिल पाया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि नांदनवाड़ी भौगोलिक, प्रशासनिक एवं जनसंख्या की दृष्टि से तहसील बनने की सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करता है। बावजूद इसके पूर्ण तहसील का दर्जा न मिलने से क्षेत्र के लोगों को राजस्व, प्रशासनिक एवं अन्य शासकीय कार्यों के लिए दूर-दराज के स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का कहना है कि नांदनवाड़ी आदिवासी बहुल क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है, लेकिन अभी भी विकास की मुख्यधारा से अपेक्षित रूप से नहीं जुड़ पाया है। यदि इसे पूर्ण तहसील का दर्जा प्रदान किया जाता है तो प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी, शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर कोयतोड़ आदिवासी समाज संघ के जिला अध्यक्ष अजय धुर्वे, उपाध्यक्ष शिवसागर वरकड़े, ब्लॉक नांदनवाड़ी अध्यक्ष अजय उईके, नांदनवाड़ी सरपंच सुधाकर वरकड़े, निलेश कोडापे, राजदीप शैडे, राहुल उईके, बिंतूलाल कुशराम सहित बड़ी संख्या में समाजजन, मातृशक्ति, युवा साथी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।









