*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुरना बीएसएनएल टावर पर 48 घंटे तक बैठे रहने वाले व्यक्ति पश्चिम बंगाल निवासी अंबुज दिगर को गुरुवार को परिजन उन्हें अपने साथ वापस ले गए। पुलिस की सूचना मिलने पर अंबुज के जवाई बचन देवरी ने सिविल अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात कीं। परिजनों को अंबुज ने बताया कि वे नागपुर से पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के बजाय गलती से भोपाल जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए थे। भोपाल से लौटते समय भी भ्रम की स्थिति में वे पांढुर्ना स्टेशन पर उतर गए। अपरिचित शहर में दो दिन तक भटकने के दौरान वे लगातार घबराए रहे। परिजनों के मुताबिक अंबुज के पास एक डायरी थी, जिसमें परिवार के मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। वे उनसे भोपाल तक संपर्क में भी थे। इस दौरान परिजनों ने उन्हें अनजान लोगों से सावधान रहने और किडनी निकालने वाले गिरोह की चर्चाओं के चलते सतर्क रहने की सलाह दी थी। इसी डर के कारण अंबुज किसी से मदद नहीं मांग सके और खुद को सुरक्षित समझते हुए मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जहां वे करीब 48 घंटे तक बैठे रहे। परिजनों ने बताया कि अंबुज पेशे से किसान है। अपनी बेटी के घर नागपुर आए थे। अंबुज पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी प्रकार की मानसिक बीमारी नहीं है। रास्ता भटकने से डर एवं घबराहट बनी हुई है। परिजनों द्वारा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अंबुज को पुलिस विभाग द्वारा उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सिविल अस्पताल डॉ द्वारा अंबुज को नागपुर में डॉ को दिखाने की दी सलाह दी इसके बाद परिजन उन्हें अपने साथ नागपुर ले गए जाह किसान अंबुज का चेकअप एवं डॉ सलाह के उपरांत अपने गांव परिजनों द्वारा किसान अंबुज को पश्चिम बंगाल ले जाया जाएगा।









