पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा

पांढुर्णा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, निरंतर मॉनिटरिंग एवं समय पर उपचार से एक सिकल सेल पॉजिटिव एवं एनीमिक गर्भवती महिला का सफल एवं सुरक्षित प्रसव कराकर एक नई उम्मीद और विश्वास की मिसाल प्रस्तुत की गई है।
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पांढुर्णा श्रीमती अल्का एक्का की सतत मॉनिटरिंग में यह सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। विकासखंड पांढुर्णा अंतर्गत उपस्वास्थ्य केन्द्र ढोलनखापा (बी.एस.) क्षेत्र की निवासी 32 वर्षीय श्रीमती अल्का उईके, पति श्री सुंदरलाल उईके का गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर पंजीयन किया गया।
महिला का पंजीयन कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर श्री जगदीश पवार, आशा सहयोगिनी श्रीमती संगीता खवसे एवं आशा कार्यकर्ता श्रीमती ललिता कुमरे द्वारा किया गया। पंजीयन उपरांत महिला की प्रथम जांच दिनांक 14 नवंबर 2025 को की गई, जिसमें उनका हिमोग्लोबिन 10 ग्राम पाया गया। सिकल सेल जांच के दौरान महिला सिकल सेल पॉजिटिव पाई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सिकल सेल पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं में विशेष निगरानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनका हिमोग्लोबिन स्तर लगातार कम होने का खतरा बना रहता है। उपस्वास्थ्य केन्द्र ढोलनखापा में एएनएम का पद रिक्त होने के बावजूद कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर श्री जगदीश पवार द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ महिला की सतत निगरानी की गई। गर्भावस्था के दौरान महिला को प्रत्येक माह जांच के लिए उपस्वास्थ्य केन्द्र बुलाया गया तथा समय पर सभी छह आवश्यक जांचें कराई गईं। साथ ही महिला एवं उसके परिवार को नियमित रूप से खान-पान, स्वास्थ्य सावधानियों एवं सुरक्षित प्रसव के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिया गया। गर्भावस्था के अंतिम चरण में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर द्वारा परिवारजनों को समझाइश दी गई कि प्रसव समय से पूर्व महिला को सिविल अस्पताल पांढुर्णा में भर्ती कराया जाए तथा प्रसव संस्थागत रूप से ही कराया जाए। परिवार ने स्वास्थ्य विभाग की सलाह को गंभीरता से लेते हुए महिला को निर्धारित समय से तीन दिन पूर्व, दिनांक 16 मई 2026 को सिविल अस्पताल पांढुर्णा में भर्ती कराया। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपेन्द्र सलामे के निर्देशन एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. छाया चौहान की निगरानी में महिला की सोनोग्राफी एवं अन्य आवश्यक जांचें कराई गईं। जांच में महिला का हिमोग्लोबिन 7 ग्राम पाया गया, जिसे देखते हुए प्रसव पूर्व दिनांक 19 मई 2026 को महिला को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।
इसके बाद डॉ. छाया चौहान (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), डॉ. हेमराज बोकडे (एनेस्थेसिया विशेषज्ञ) एवं नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती दिपिका सातपुते की टीम द्वारा सफलतापूर्वक सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। सुरक्षित प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं। महिला ने 3 किलो 395 ग्राम वजन के स्वस्थ मेल चाइल्ड को जन्म दिया। सुरक्षित एवं सफल सिजेरियन प्रसव के बाद परिवारजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर जांच, निरंतर मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के कारण मां और बच्चे दोनों की जिंदगी सुरक्षित रह सके। यह सफलता कहानी न केवल स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर जांच, नियमित मॉनिटरिंग और संस्थागत प्रसव से जटिल परिस्थितियों में भी सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है।









