*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
*होमस्टे को मिलेगा बढ़ावा*
भूमा, चिरकुटागोदी, बोरपानी, नोनघापड़, सौंसर एवं 14 वन ग्रामों में होमस्टे संचालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
*साइक्लिंग सर्किट होगा विकसित*
साईंखेड़ी, मोरघाट, जाम सांवली सहित प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर साइक्लिंग सर्किट विकसित करने पर जोर।
*पर्यटन गतिविधियों का होगा विस्तार*
होमस्टे, कैंपिंग, ट्रेकिंग, नौकायन, पक्षी अवलोकन, प्रकृति सैर, फोटोग्राफी, साहसिक गतिविधियां, पिकनिक एवं मानसून व्यू जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
*स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने की पहल*
सौंसर सिल्क साड़ियों, संतरे के बागानों, हस्तशिल्प एवं स्थानीय संस्कृति को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
*प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास*
जाम सांवली धाम, अर्द्धनारीश्वर मंदिर मोहगांव हवेली, घोघरा जलप्रपात, नंदेवानी जलाशय, चिरकुटागोदी जलाशय, चन्द्रभागा नदी, विट्ठल-रुक्मणी मंदिर, मोही जलाशय, मोरघाट एवं नारायण घाट सहित विभिन्न स्थलों के विकास पर विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को पर्यटन विकास के लिए समन्वित एवं योजनाबद्ध कार्ययोजना तैयार कर स्थायी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।







