*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला की शुरुआत शुक्रवार को सूर्यास्त समय कलश रूपी पेड़ को परंपरागत रूप से नदी के बीचो-बीच स्थापित किया गया मां चंडी का भक्त द्वारा आरती पूजा अर्चना कर इस परंपरा को परंपरागत रूप से निभाया गया। मां चंडिका भक्तों द्वारा निशाना कलश रूपी पेड़ पर निशान पेश कर शादियों से चली आ रही परंपरा को सुबह 10:00 बजे शुरू किया गया।नगर में विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला सदियों से चली आ रहीं परंपरा के अनुसार कृष्ण पक्ष की अमावस्या दिन गुरुवार पोला त्यौहार के दुसरे दिन शुक्रवार मनाया जा रहा । सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस गोटमार मेले में दोपहर 3 बजे तक सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक 700 से अधिक घायल होना बताया जा रहा। गोटमार मेले पत्थरों की बौछार में गोटमार खिलाड़ियों सिर चहरे हाथ पैर कमर चोटे आई। स्वास्थ विभाग द्वारा 7 घायलों को गंभीर चोटे आई है। जिनमें से 3 को नागपुर रेफर किया गया। बाकी गंभीर रूप से घायलों का सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग घायलों को गोटमार स्थल से सिविल अस्पताल में लाने में पुरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है।







