*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुरना नगर में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री गुरुदेव सेवा मंडल में मानवता के पुजारी, विश्वरत्न वंदनीय राष्ट्रसंत श्री तुकडोजी महाराज का 58वां पुण्य स्मरण महोत्सव 24 से 31 अक्टूबर तक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया जाएगा। आठ दिवसीय इस महोत्सव में भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहित होगी। आज से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 5 बजे से काकड़ आरती, ध्यानपाठ, योग, सुबह 10:00 से 1:00 बजे तक ग्रामगीता पारायण एवं दोपहर 2:00 बजे से 4:00 तक महिला मंडली द्वारा भजन का आयोजन होगा। वहीं, शाम 5:30 से 6:00 सामुदायिक प्रार्थना और शाम 6:00 से 7:00 बजे हरिपाठ तथा रात्रि 8:00 से 10:00 तक ख्यातनाम कीर्तनकारों द्वारा कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचन ह.भ.प. श्री चिंतामन महाराज गुरवे(सायरा), ह.भ.प. श्री देवदास महाराज ढोबळे (काटोल), ह.भ.प.श्री पंकज महाराज पवार (वाशिम),ह.भ.प. श्री दीपक महाराज पाटील (मुक्ताईनगर), ह.भ.प. श्री पंकज महाराज पोहकर (अमरावती), ह.भ.प.श्री हरिओम महाराज निंभोरकर(अमरावती) ह.भ.प.श्री भीमराव महाराज कोठे इन विद्वानों द्वारा कीर्तन होगा
*शहर में शनिवार 24 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा*
महोत्सव का शुभारंभ शनिवार, 24 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा नगर भ्रमण करेगी। आयोजन के माध्यम से राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों, मानवता के संदेश और सामाजिक समरसता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। *शुक्रवार दिनांक 30 अक्टूबर को* *मौन श्रद्धांजलि एवं संत स्मृति दिवस* मनाया जाएगा। इस अवसर पर दोपहर 12 बजे से भव्य खंजिरी भजन का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे राष्ट्रसंत श्री तुकडोजी महाराज के जीवन चरित्र पर रामाश्रयी प्रवीण जी पालीवाल द्वारा संगीतमय प्रवचन प्रस्तुत किया जाएगा।इसके पश्चात शाम 4:58 बजे मौन श्रद्धांजलि, सामुदायिक प्रार्थना एवं राष्ट्रवंदना का आयोजन होगा। *शनिवार दिनांक 31 अक्टूबर को गोपाल काला कीर्तन* ह.भ.प. श्री भीमराव महाराज कोठे द्वारा गोपाल काला कीर्तन किया जाएगा। इसके पश्चात महाप्रसाद का वितरण होगा। इस धार्मिक आयोजन में संत-महंत, ख्यातनाम विद्वानों एवं राष्ट्रीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है। आठ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिक चिंतन और राष्ट्रसंत के विचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आप सभी सादर आमंत्रित है







