*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा जिला कलेक्टर कार्यालय में पार्षद द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत काटी गई प्रीमियम राशि की रसीद, पॉलिसी नंबर पॉलिसी बॉन्ड तथा बीमा कंपनी की विस्तृत जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की गई,
पार्षद दुर्गेश उईके ने बताया की पांढुर्णा क्षेत्र अंतर्गत सहकारी समितियों (सोसाइटी) एवं राष्ट्रीयकृत/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा किसानों के क्रेडिट कार्ड बैंक खातों से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत नियमित रूप से बीमा प्रीमियम की राशि काटी जाती है।
परंतु बीमा राशि काटे जाने के बावजूद संबंधित बैंकों, समितियों या बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को जानकारियां एवं दस्तावेज़ प्रदान नहीं किए जा रहे हैं
प्रीमियम कटने के बाद किसानों को कोई आधिकारिक पॉलिसी बॉन्ड या रसीद नहीं दी जाती, जिससे किसान के पास बीमा होने का कोई लिखित प्रमाण नहीं होता हैं।
किसानों को यह तक मालूम नहीं होता कि उनकी फसल का बीमा किस बीमा कंपनी द्वारा किया गया है और उनका पॉलिसी/आवेदन नंबर क्या है।
प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि या सूखा पड़ने पर योजना के नियमानुसार 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य होता है। परंतु कंपनी का नाम, टोल-फ्री नंबर और पॉलिसी विवरण न होने के कारण किसान चाहकर भी समय पर नुकसान की सूचना दर्ज नहीं करा पाते और मुआवजे से वंचित रह जाते हैं।
पार्षद दुर्गेश उईके ने पांढुर्णा कलेक्टर निरज कुमार वशिष्ठ से आवेदन के माध्यम हे मांग की है कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित बैंकों एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को कड़े निर्देश दिए जाएं कि प्रीमियम काटते ही किसानों को पॉलिसी रसीद/पॉलिसी बॉन्ड अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
पंचायत स्तर या समिति स्तर पर सूचना बोर्ड लगाकर संबंधित क्षेत्र की स्वीकृत बीमा कंपनी का नाम, टोल-फ्री नंबर तथा स्थानीय प्रतिनिधि अभिकर्ता का संपर्क विवरण सार्वजनिक किया जाए।
बैंकों/समितियों को निर्देशित किया जाए कि वे किसानों के मोबाइल नंबर पर बीमा स्वीकृति एवं पॉलिसी नंबर का SMS सुनिश्चित करें।









