*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा। श्रावण मास भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना जाता है। श्रावण मास शुरू होते ही शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इसी धार्मिक आस्था और परंपरा के तहत पांढुर्णा के बजरंग कांवड़ संघ द्वारा इस वर्ष भी बाबा बैद्यनाथ धाम में पवित्र गंगाजल अर्पित करने के लिए कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार रात नगर का माहौल ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। बाबा बैद्यनाथ धाम की कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए पांढुर्णा क्षेत्र के कांवड़ियों का जत्था जबलपुर एक्सप्रेस से रवाना हुआ। कांवड़ियों को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पहुंचे। बैंड-बाजे और जयकारों के बीच भक्तों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर रवाना किया गया।
यात्रा में तनय अग्रवाल, विक्रम सिंह ठाकुर, श्यामसिंह सोलंकी, अश्विन निनावे, ईश्वर वढूलकर, चंद्रशेखर बुवाड़े, पंकज गाडगे, कुणाल वघाले, दिनेश घाटोड़े, राकेश देशमुख, ललित पटेल, रवि जोंजाल, गणेश वाघमारे, ललित खवसे, रंजीत टेकाम, बालकृष्ण (मामा) पराड़कर, नंदू कोल्हे, गणेश कोल्हे, वीरेंद्र पालीवाल सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हैं।
नर्मदा और गंगा जल से करेंगे बाबा विश्वनाथ का अभिषेक:-
कांवड़ियों के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार श्रद्धालु सर्वप्रथम मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर नर्मदा जल साथ लेकर जबलपुर पहुंचेंगे। यहां अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर जत्था आगे की यात्रा करेगा। इसके बाद बनारस पहुंचकर मां गंगा के पवित्र जल में स्नान कर गंगाजल एवं नर्मदा जल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।
इसके पश्चात श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज पहुंचेंगे। यहां उत्तरवाहिनी गंगा के पवित्र जल को कांवड़ में भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर पैदल यात्रा प्रारंभ की जाएगी।
112 किलोमीटर नंगे पैर चलकर पहुंचेंगे बाबा धाम:-
सुल्तानगंज से कांवड़ में पवित्र गंगाजल लेकर श्रद्धालु ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ नंगे पैर पैदल यात्रा करेंगे। लगभग 112 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी कर कांवड़िए झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे।
श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ में लाए गए पवित्र गंगाजल से बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की जाएगी।
सुल्तानगंज से गंगाजल लाने की सदियों पुरानी परंपरा:-
बाबा बैद्यनाथ धाम में सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर अर्पित करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उत्तरवाहिनी गंगा का जल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और वहां से कांवड़ में गंगाजल भरकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं में भगवान श्रीराम द्वारा सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर तक यात्रा करने का भी उल्लेख मिलता है। इसी आस्था के चलते सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक कांवड़ यात्रा की परंपरा आज भी निरंतर जारी है।
शिव और शक्ति दोनों की आराधना का प्रमुख केंद्र है बाबा धाम:-
झारखंड के देवघर जिले में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां भगवान शिव ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विराजमान हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम का महत्व इसलिए भी विशेष है, क्योंकि यहां शक्तिपीठ भी स्थित है। मान्यता है कि माता सती का हृदय इसी स्थान पर गिरा था। इस प्रकार देवघर में भगवान शिव और माता शक्ति दोनों की आराधना का विशेष महत्व है।
24 अगस्त को पांढुर्णा में निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा:-
बजरंग कांवड़ संघ द्वारा बाबा धाम से लौटने के बाद 24 अगस्त को पांढुर्णा नगर में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। कांवड़ियों द्वारा विभिन्न पवित्र नदियों के जल से नगर के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और सनातन परंपरा के प्रति आस्था का प्रतीक है। नगर में निकलने वाली विशाल कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है।









