*पांढुर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा कम बारिश के कारण ग्राम पंचायत भंदारगोंदी के जलाशय में जलस्तर कम हो गया है। ऐसे में जलाशय के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किए जाने पर भविष्य में गांव में पेयजल संकट की स्थिति बनने की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी पांढुर्णा को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने जलाशय में मोटर लगाने की अनुमति नहीं देने और विद्युत टीसी कनेक्शन जारी नहीं करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ग्राम पंचायत भंदारगोंदी में जलाशय (डेम) बना हुआ है। इसमें प्रतिवर्ष मोटर लगाने की अनुमति प्रदान की जाती है। लेकिन इस वर्ष बारिश कम होने के कारण जलाशय पूरी तरह नहीं भर पाया है। वर्तमान में डेम में जलस्तर काफी कम है। यह क्षेत्र चारागाह के रूप में भी उपयोग होता है, जहां आसपास के पशु पानी पीने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जलाशय के सीमित पानी का उपयोग सिंचाई के लिए मोटर के माध्यम से किया गया तो पानी तेजी से कम हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि भंदारगोंदी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुएं और नलकूप कम बारिश या गर्मी के दिनों में सूख जाते हैं। ऐसी स्थिति में गांव में पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए इसी जलाशय के पानी का उपयोग किया जाता है। यदि अभी जलाशय से सिंचाई के लिए पानी निकाला गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो सकती है।
आवेदन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि जलाशय का पानी केवल ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि चारागाह क्षेत्र में आने वाले पशुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में जलस्तर कम होने के कारण पानी का संरक्षण जरूरी है। मोटर चलने से जलाशय के पानी का दोहन बढ़ने की स्थिति में पशुओं के लिए भी पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने एसडीओ से मांग की है कि कम बारिश और जलाशय में कम जलस्तर को देखते हुए इस वर्ष मोटर लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही जलाशय से सिंचाई के लिए पानी निकालने के उद्देश्य से विद्युत टीसी कनेक्शन भी जारी नहीं किया जाए, ताकि जलाशय का पानी पेयजल और पशुओं के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जा सके।







