*पांढर्णा हलचल न्यूज़ संवाददाता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
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पांढुर्णा में 11 सितंबर को आयोजित विश्व प्रसिद्धि गोटमार मेले में गंभीर रूप से घायल हए 55 वर्षीय जीवन सलामे, निवासी जवाहर वार्ड शिवनगर, की करीब 20 दिन बाद गुरुवार शाम पांदुर्णा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने की खबर सामने आई है। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया। इस संबंध में सूत्रों एवं जानकारों द्वारा मिली जानकारी मुताबिक 11 सितंबर को गोटमार मेले के दौरान शाम करीब 5 बजे पुलिया के पास पांदर्णा की ओर ‘से आए पत्थर की चपेट में जीवन सलामे के सिर पर में गंभीर चोट लगी थी। शासकीय अस्पताल अस्पताल लाया गया था। जाह प्राथमिक उपचार के बाद सिर पर गंभीर चोटे होने से गंभीर हालत को देखते हए पांढुर्णा सिविल अस्पताल डॉ द्वारा उन्हें नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
नागपुर में जांच के दौरान सिर में गंभीर चोट के कारण रक्त का थक्का जमने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उनका ऑपरेशन किया गया। करीब 20 दिनो तक जीवन और मौत के बीच जीवन सलामे का संघर्ष जारी रहा। गुरुवार की शाम जीवन सलामे ने अंतिम सांस ली।
जीवन सलामे के जाने से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड
जीवन सलामे घायल होने के बाद से परिवार लगातार अस्पतालों के चक्कर काटता रहा ईलाज कराने परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पडा। परिवार द्वारा जीवन सलामे को करीब 20 दिनों तक काफी संघर्ष कर उपचार कराया फिर भी जीवन सलामे को नहीं बचाया नहीं जा सका गुरुवार को जीवन ने परिवार के बीच अंतिम सांस ली एवं जीवन सलामे के परिवार में गहरा आघात पहुंचा।
विश्व प्रसिद्धि गोटमार मेले में पत्थरों की बौछार से एक ओर परिवार के जीवन का उजाला छिन लिया। जिसका जिम्मेदार होगा कौन एह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। परंपरा एवं आस्था के इस खेल में कितने ओर अधिक परिवार के जीवन का बुझेगा उजाला, बना हुआ है एक बड़ा सवाल जिसका प्रशासन के पास भी नहीं है कोई जवाब।







