*पांढुर्णा संवाददाता दैनिक दिव्य सत्ता मनोज सातपुते पांढुर्णा*
( आपके आस पास क्षेत्र खबरें एवं विज्ञापन प्रकाशित करने हेतु संपर्क करें. 6262250843 )

पांढुर्णा सौसर धार्मिक आस्था और संत परंपरा की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए बेरडी ग्राम में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अखंड हरिनाम सप्ताह एवं भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 22 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में आयोजित होने वाले इस आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन में भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म की त्रिवेणी देखने को मिलेगी।
हरिनाम सप्ताह के दौरान प्रतिदिन भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी की आराधना के साथ काकड़ा भजन, ज्ञानेश्वरी पारायण,भागवत कथा, हरिपाठ एवं हरिकीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह की मंगलमय शुरुआत से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय स्वर और हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहेगा।
*सुबह से रात तक चलेगा भक्तिमय कार्यक्रम*
आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 5 से 6 बजे काकड़ा भजन, सुबह 8 से 9 बजे ज्ञानेश्वरी पारायण, सुबह 10 से दोपहर 12 बजे भागवत कथा, दोपहर 3 से 5 बजे भागवत कथा, शाम 6 से 7 बजे हरिपाठ तथा रात्रि 9 से 11 बजे हरिकीर्तन का आयोजन होगा।
भागवत कथा का वाचन ह.भ.प. श्री शशिकांत महाराज पाटील (नागपुर) द्वारा किया जाएगा। वहीं ह.भ.प. श्री अनिल महाराज कुरेकार (बेरडी) व्यासपीठ का संचालन करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न संत-महात्माओं एवं कीर्तनकारों का सानिध्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
*महिला भजन स्पर्धा बनेगी आकर्षण*
हरिनाम सप्ताह के दौरान 28 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे महिला भजन स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। इसमें महिला भजन मंडलियां उत्साहपूर्वक सहभागिता करेंगी। धार्मिक गीतों एवं भजनों के माध्यम से महिलाओं की सांस्कृतिक और धार्मिक सहभागिता को मंच मिलेगा।
*महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु*
हरिनाम सप्ताह के 29 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह में महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से दूर-दूर से श्रद्धालुओं के बेरडी पहुंचने की संभावना है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के कारण आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य स्थानों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी होने पहुंचते हैं।
समापन दिवस पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक वातावरण रहेगा। श्रद्धालु सामूहिक रूप से भगवान श्री विठ्ठल-रुक्मिणी की आराधना कर हरिनाम सप्ताह के समापन में सहभागी होंगे।
*आस्था के साथ संस्कारों का संदेश*
अखंड हरिनाम सप्ताह केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि बेरडी की वर्षों पुरानी सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक है। ग्रामवासी सामूहिक सहभागिता से प्रतिवर्ष इस आयोजन को सफल बनाते हैं। आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संत परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों ने महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से परिवार सहित बेरडी पहुंचकर श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन करने तथा भागवत कथा, ज्ञानेश्वरी पारायण, हरिपाठ, भजन एवं हरिकीर्तन का श्रवण कर पुण्यलाभ लेने का आग्रह किया है।







